
*खण्डवा निवासी अजीत कुमार जैन का इन्दौर में देहदान*
*नेत्रदान, देहदान व अंगदान जनजागृति समिति को दिया था घोषणा पत्र*
*मरणोपरांत भी मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा में योगदान देकर बने प्रेरणास्रोत*
खण्डवा। खण्डवा निवासी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक श्री अजीत कुमार जैन के निधन उपरांत उनके परिवारजनों ने उनकी देहदान की इच्छा का सम्मान करते हुए इन्दौर मेडिकल कॉलेज में उनकी देहदान कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
लायन्स सक्षम नेत्रदान, देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति खण्डवा के संयोजक नारायण बाहेती एवं समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि श्री अजीत कुमार जैन ने अपने 83वें जन्मदिन, 2 जनवरी 2023 को एलआईजी कॉलोनी स्थित निवास पर समिति के सदस्यों को आमंत्रित कर, पत्नि कुसुम जैन, पुत्र आशीष कुमार जैन एवं पुत्रवधू श्रीमती स्वभ्रता जैन की सहमति से देहदान घोषणा-पत्र पर स्वयं हस्ताक्षर कर स्वयं व पत्नि श्रीमती कुसुम जैन का देहदान घोषणा पत्र समिति को सौंपा था।
श्री जैन ने ब.ई. सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल, खण्डवा में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान की थीं। वे सदैव शिक्षा के महत्व को समझते थे। इसी भावना से उन्होंने संकल्प लिया था कि मरणोपरांत भी उनकी देह मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा एवं प्रशिक्षण के काम आए, ताकि वे भविष्य में कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा कर सकें।
एक वर्ष पूर्व श्री जैन का परिवार इन्दौर में स्थानांतरित हो गया था। कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे श्री जैन का 12 अगस्त 2026 को देवलोकगमन हुआ। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी पूर्व घोषित इच्छा को सर्वोच्च सम्मान देते हुए नेत्रदान कर उनकी देह इन्दौर के अरविंदो मेडिकल कॉलेज को दान की। अंतिम यात्रा के पूर्व बिचौलिया मर्दाना स्थित उनके निवास पर पार्थिव देह को गॉड ऑफ ऑनर दिया गया।
बाहेती ने बताया कि लायन्स सक्षम नेत्रदान, देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति खण्डवा, लायन्स क्लब खण्डवा, सक्षम संस्था खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा एवं महर्षि दधीचि देहदान समिति के सतत प्रयासों से इससे पूर्व 22 मृत देह मेडिकल कॉलेज खण्डवा तथा 2 मृत देह इन्दौर मेडिकल कॉलेज को दान की जा चुकी हैं।
समिति के सदस्यों नारायण बाहेती, डॉ. सोमिल जैन, प्रहलाद तिरोले, अनिल बाहेती, सुनील जैन,सुरेन्द्रसिंह सोलंकी, राजीव शर्मा, राजीव मालवीय, घनश्याम वाधवा, डॉ. राधेश्याम पटेल, गांधी प्रसाद गदले, रणवीर सिंह चावला एवं चंचल गुप्ता सहित सभी सदस्यों ने स्व. अजीत कुमार जैन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके देहदान को समाज के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय सेवा बताया।
स्व. अजीत कुमार जैन का देहदान यह संदेश देता है कि जीवन के बाद भी मानव समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी बन सकता है।











